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Vaibhav Sooryavanshi anointed the ‘Bradman of T20 cricket’ – वैभव सूर्यवंशी: टी20 क्रिकेट के ‘डॉन ब्रैडमैन’ – आईपीएल 2026 में धूम मचाते 15 वर्षीय सितारे

Salman Farooq · · 1 min read
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वैभव सूर्यवंशी: क्रिकेट के नए ‘ब्रैडमैन’ का उदय

भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर एक नया सितारा तेजी से उभर रहा है, और यह कोई साधारण खिलाड़ी नहीं है। राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी अविश्वसनीय बल्लेबाजी से आईपीएल 2026 में धूम मचा दी है। उनकी प्रतिभा और प्रभाव को देखते हुए, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर और लखनऊ सुपर जायंट्स के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने उन्हें ‘टी20 क्रिकेट का डॉन ब्रैडमैन’ का खिताब दिया है। यह उपाधि उनकी असाधारण क्षमता और खेल पर उनके अद्वितीय प्रभुत्व का प्रमाण है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों दोनों को समान रूप से प्रभावित किया है।

एलिमिनेटर में वैभव का तूफानी प्रदर्शन

बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में, वैभव सूर्यवंशी ने शायद टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारी खेली। उन्होंने मात्र 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर दर्शकों और विशेषज्ञों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी यह पारी टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे विस्फोटक पारियों में से एक मानी जा रही है, जिसने खेल के स्वरूप को एक नए आयाम पर पहुंचा दिया है। इस दौरान उन्होंने जिस तरह से बड़े-बड़े शॉट्स लगाए, वह किसी भी अनुभवी और स्थापित बल्लेबाज के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता। वैभव ने दिखाया कि उनकी उम्र भले ही कम हो, लेकिन उनका खेल परिपक्व और निडर है।

सूर्यवंशी की इस राक्षसी पारी की नींव पावरप्ले में ही रखी गई थी, जब उन्होंने विरोधियों पर शुरू से ही हावी होना शुरू कर दिया था। मैच के तीसरे ओवर में, उन्होंने अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस जैसे गेंदबाज को लगातार तीन छक्के जड़े, जो उनकी आत्मविश्वास और ताकत का प्रतीक था। पावरप्ले के अंत तक, वह सिर्फ 20 गेंदों पर 60 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे, जो उनकी आक्रामक मानसिकता और क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने इस मैच में कुल 12 छक्के लगाए, जिनमें से 8 पावरप्ले के भीतर और 4 उसके बाद आए, जो उनकी निरंतरता और हर ओवर में बाउंड्री लगाने की क्षमता को उजागर करता है। वह क्रिस गेल के आईपीएल इतिहास में सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड (30 गेंद) को तोड़ने से बाल-बाल बचे, लेकिन उनकी यह पारी फिर भी यादगार बन गई और प्रशंसकों के दिलों में बस गई।

राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत

वैभव की तूफानी बल्लेबाजी के बाद, टीम के अन्य बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने भी 20 गेंदों में अर्धशतक जड़कर टीम को मजबूती दी। जुरेल की पारी ने सुनिश्चित किया कि वैभव द्वारा दी गई शुरुआती गति बरकरार रहे। हालांकि, अन्य राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों ने छोटे-छोटे योगदान दिए, जिससे टीम 243 रनों का विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही। इस विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की उम्मीदें उस समय धराशायी हो गईं, जब जोफ्रा आर्चर ने अपनी तेज गेंदबाजी से पावरप्ले के भीतर ही उनके शीर्ष तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। आर्चर की यह घातक गेंदबाजी मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई। इसके बाद, मैच एकतरफा हो गया, और राजस्थान रॉयल्स ने 47 रन की शानदार जीत के साथ क्वालीफायर 2 में अपनी जगह पक्की कर ली, जिसका श्रेय काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी के अविश्वसनीय प्रदर्शन को जाता है।

टॉम मूडी का ‘ब्रैडमैन’ बयान और तुलना

ईएसपीएनक्रिकइंफो पर बात करते हुए, टॉम मूडी ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर अपनी हैरानी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी को शब्दों में बयां करना लगभग असंभव है, क्योंकि उन्होंने जिस तरह का प्रभुत्व दिखाया है, वह अद्वितीय है। मूडी ने जोर देकर कहा कि क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में, यहां तक कि बड़े और पूर्ण विकसित वयस्कों द्वारा भी, इस स्तर का प्रभुत्व पहले कभी नहीं देखा गया, जो वैभव के प्रदर्शन को और भी असाधारण बनाता है।

मूडी ने अपने शब्दों में कहा, “मैं इसे समझाने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसे कैसे करूं। इसे समझाने का एकमात्र तरीका यह है कि कोई इसे देखे और अपनी खुद की व्याख्या करे, क्योंकि हम कुछ ऐसा देख रहे हैं जो मुझे नहीं लगता कि हमने इस खेल के इस प्रारूप में, या किसी भी प्रारूप में अपने जीवनकाल में देखा है। हमने अद्भुत चीजें देखी हैं, लेकिन इस हद तक नहीं।”

मूडी ने 1920 और 1930 के दशक में क्रिकेट जगत पर डॉन ब्रैडमैन के पूर्ण प्रभुत्व के साथ वैभव की तुलना की। उन्होंने बताया कि ब्रैडमैन का टेस्ट क्रिकेट में औसत लगभग 100 था, जबकि उस समय के अगले सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का औसत लगभग 60 था, जो दोनों के बीच एक विशाल अंतर दर्शाता है। मूडी ने आगे कहा, “यही वह अंतर है जिसकी हम बात कर रहे हैं। 15 साल की उम्र में टी20 क्रिकेट में यह वही अलगाव है।” यह तुलना वैभव की असाधारण क्षमता को और भी स्पष्ट करती है और यह दर्शाती है कि वह किस स्तर की प्रतिभा के धनी हैं। यह किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए एक बहुत बड़ी प्रशंसा है, जो खेल के दिग्गजों में से एक के साथ तुलना की जा रही है।

रिकॉर्ड्स की झड़ी और ऑरेंज कैप की दौड़

इस साल के आईपीएल में, और विशेष रूप से बुधवार की उनकी पारी में, वैभव सूर्यवंशी ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं और ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे निकल गए हैं। 15 मैचों में 680 रनों के साथ, सूर्यवंशी ने एक बार फिर ऑरेंज कैप पर कब्जा कर लिया है और उनके पास अपने रन टैली को बढ़ाने का कम से कम एक और मौका है, क्योंकि उनकी टीम अभी भी टूर्नामेंट में बनी हुई है। उनका स्ट्राइक रेट अविश्वसनीय 243 रहा है, जिससे वह टी20 टूर्नामेंट में 200 या उससे अधिक के स्ट्राइक रेट से 600 या अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। यह आंकड़ा उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और लगातार बड़े शॉट्स खेलने की क्षमता का प्रमाण है।

उनके 65 छक्कों ने क्रिस गेल के आईपीएल सीजन में सर्वाधिक छक्कों के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है, जो खुद “यूनिवर्स बॉस” के नाम से जाने जाते हैं। यह आँकड़े केवल उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता को ही नहीं, बल्कि लगातार बड़े स्कोर बनाने और अपनी टीम के लिए मैच जीतने वाले प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता को भी दर्शाते हैं। वैभव सूर्यवंशी ने सिद्ध कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है जब प्रतिभा और दृढ़ संकल्प साथ हों। उनका उदय भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक उज्ज्वल संकेत है, और यह देखना रोमांचक होगा कि यह युवा प्रतिभा आगे चलकर कौन सी नई ऊंचाइयों को छूती है और क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम कैसे दर्ज कराती है।

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Salman Farooq

Salman Farooq analyzes team strengths, tactical approaches, and franchise consistency.