Sanjay Manjrekar’s praise for GT owners comes with direct swipe at Ambanis & MI – संजय मांजरेकर ने गुजरात टाइटन्स की तारीफ की, अंबानी और मुंबई इंडियंस पर साधा निशाना
गुजरात टाइटन्स की सफलता और मालिकाना हक का मॉडल
आईपीएल की दुनिया में सफलता का फॉर्मूला क्या है? कई लोग इसे खिलाड़ियों के चयन से जोड़ते हैं, तो कुछ कोचिंग स्टाफ की रणनीति को श्रेय देते हैं। लेकिन हाल ही में पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने एक ऐसे पहलू पर प्रकाश डाला है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है—टीम के मालिकों का व्यवहार। मांजरेकर ने गुजरात टाइटन्स (GT) की शानदार सफलता का श्रेय उनके मालिकों को दिया है, जो पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं।
मांजरेकर ने क्यों की तारीफ?
मांजरेकर ने ‘स्पोर्टस्टार’ के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि गुजरात टाइटन्स एक ऐसी फ्रैंचाइजी है जहां मालिक ‘सोफे पर बैठकर’ खिलाड़ियों पर दबाव नहीं बनाते। उन्होंने कहा, ‘यह वास्तव में एक अद्भुत कहानी है। यह एक नई फ्रैंचाइजी है, लेकिन यहां मालिक आपको सोफे पर बैठे हुए नजर नहीं आते। कोई नहीं जानता कि मालिक कौन हैं। पूरी कमान पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर विक्रम सोलंकी के हाथ में है, जिनका कॉर्पोरेट बैकग्राउंड रहा है। आशीष नेहरा और विक्रम सोलंकी की जोड़ी ने टीम को जो स्थिरता दी है, वह काबिले तारीफ है।’
अंबानी परिवार पर कटाक्ष
मांजरेकर के इस बयान को मुंबई इंडियंस के मालिकों, नीता अंबानी और आकाश अंबानी पर एक सीधा हमला माना जा रहा है। आईपीएल 2026 के दौरान, अंबानी परिवार को बाउंड्री रोप्स के पास बने एक विशेष सोफे पर बैठकर मैच का आनंद लेते और टीम पर प्रतिक्रिया देते देखा गया है। मांजरेकर का यह बयान सीधे तौर पर उन नियमों और परंपराओं की ओर इशारा करता है, जहाँ बीसीसीआई ने पहले भी टीम मालिकों के खिलाड़ियों के साथ बहुत ज्यादा इंटरेक्शन पर चिंता जताई थी।
गुजरात टाइटन्स का सफर
2022 में अपनी शुरुआत के बाद से, गुजरात टाइटन्स ने पांच में से चार बार प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया है। पहले ही साल में खिताब जीतना इस टीम की अद्भुत क्षमता को दर्शाता है। हालांकि पिछले साल ओनरशिप में बदलाव (टोरेंट ग्रुप द्वारा सीवीसी कैपिटल से हिस्सेदारी खरीदना) हुआ, लेकिन टीम के प्रदर्शन पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।
आईपीएल 2026: एक और शानदार सीजन
इस साल की शुरुआत थोड़ी अस्थिर रही थी, लेकिन टीम ने दूसरे हाफ में जबरदस्त वापसी की। शुभमन गिल और साई सुदर्शन की सलामी जोड़ी ने रन बनाने का जिम्मा उठाया, जबकि जोस बटलर ने नंबर तीन पर आकर टीम को मजबूती दी। गेंदबाजी में कगिसो रबाडा, जेसन होल्डर और राशिद खान की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है।
क्वालीफायर 1 की तैयारी
अब गुजरात टाइटन्स की नजरें फाइनल पर हैं। धर्मशाला में होने वाले क्वालीफायर 1 में उनका मुकाबला टेबल टॉपर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा। जो टीम यहां जीतेगी, वह सीधे 31 मई को अहमदाबाद में होने वाले फाइनल में जगह बनाएगी। वहीं, हारने वाली टीम को मullanpur में क्वालीफायर 2 के जरिए एक और मौका मिलेगा।
निष्कर्ष
संजय मांजरेकर का यह बयान एक महत्वपूर्ण बहस छेड़ता है—क्या आईपीएल टीमों को कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और क्रिकेटिंग विशेषज्ञों के भरोसे छोड़ देना चाहिए, या मालिकों को सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए? फिलहाल, गुजरात टाइटन्स का मॉडल इसे सही साबित कर रहा है। उनकी निरंतरता और बिना किसी शोर-शराबे वाली कार्यशैली उन्हें आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक बनाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे इस साल एक और खिताब अपने नाम कर पाते हैं या नहीं।