‘I was not supposed to play today’ – Riyan Parag not completely fit but will play
आईपीएल 2026: रियान पराग का जुझारूपन
राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन इस सफलता के पीछे उनके कप्तान रियान पराग का अटूट समर्पण छिपा है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले से पहले पराग पूरी तरह फिट नहीं थे। उन्होंने मैच के बाद स्वीकार किया कि ‘I was not supposed to play today’ – Riyan Parag not completely fit but will pla, फिर भी टीम की खातिर उन्होंने जोखिम उठाया।
चोट के बावजूद मैदान में उतरे पराग
लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पिछला मैच हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण छोड़ने वाले पराग ने इस महत्वपूर्ण मैच में वापसी की। हालांकि वह अपनी शारीरिक फिटनेस से काफी दूर थे, लेकिन उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। मैदान पर उन्हें लड़खड़ाते हुए देखा गया, लेकिन उनकी मानसिकता स्पष्ट थी—टीम को जीत दिलाना। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आगामी एलिमिनेटर मैच खेलेंगे, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के ‘हां’ में उत्तर दिया।
जीत के बाद पराग का विश्लेषण
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा। लगातार तीन मैच हारने के बाद टीम ने अंतिम क्षणों में लय हासिल की। पराग ने स्वीकार किया कि टीम को काफी पहले क्वालीफाई कर लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘हमने बहुत कुछ दांव पर लगा दिया था और अंतिम समय तक इंतजार किया। मुझे लगता है कि हम अपनी गलतियों से सीख रहे हैं और अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’
रणनीतिक फैसले और साहस
मुंबई इंडियंस के खिलाफ 206 रनों का पीछा करते हुए राजस्थान ने कुछ साहसी निर्णय लिए। जोफ्रा आर्चर को नंबर 7 पर प्रमोट करना और हार्दिक पांड्या का महत्वपूर्ण विकेट लेने के लिए आर्चर को 16वें ओवर में वापस लाना पराग के मास्टरस्ट्रोक साबित हुए। पराग ने बताया कि उन्हें कप्तानी में ऐसे जोखिम लेना पसंद है। उन्होंने कहा, ‘यह जुआ नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। मैं असम के लिए भी इसी तरह कप्तानी करता हूं।’
युवा खिलाड़ियों की सराहना
पराग ने टीम के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर 19 वर्षीय यश राज पुंजा और ब्रजेश शर्मा की जमकर तारीफ की। पुंजा का नेट बॉलर से मुख्य स्पिनर तक का सफर प्रेरणादायक है। पराग ने कहा कि हालांकि वह आमतौर पर खिलाड़ियों की प्रशंसा कम करते हैं ताकि वे अति-आत्मविश्वासी न हो जाएं, लेकिन आज के प्रदर्शन के बाद ये खिलाड़ी विशेष सराहना के हकदार हैं।
आगे की चुनौती: एलिमिनेटर मैच
अब राजस्थान रॉयल्स की निगाहें 27 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ होने वाले एलिमिनेटर मैच पर टिकी हैं। पूरी तरह फिट न होने के बावजूद, पराग का नेतृत्व और उनकी प्रतिबद्धता टीम के लिए सबसे बड़ी ताकत साबित हो रही है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि पराग की यह जुझारू भावना टीम को खिताबी जीत के करीब ले जाएगी। राजस्थान की इस जीत ने न केवल उनके अभियान को जीवित रखा है, बल्कि टीम के मनोबल को भी एक नई ऊंचाई दी है।