Rishabh Pant Warned Against Following MS Dhoni With LSG Captaincy At Stake
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का निराशाजनक सफर
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। शनिवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ एक और भारी हार के बाद, टीम अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई। 14 मैचों में से केवल चार जीत के साथ, टीम का प्रदर्शन बेहद चिंताजनक रहा है। इस असफलता के बाद, कप्तान ऋषभ पंत का भविष्य अब सवालों के घेरे में है।
ऋषभ पंत की कप्तानी पर उठते गंभीर सवाल
ऋषभ पंत के नेतृत्व में लखनऊ की टीम ने पिछले दो सीजन में कुल 28 मैच खेले, जिनमें से 18 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी बात यह है कि टीम इन दोनों सीजन में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही। टीम की सामूहिक असफलता के साथ-साथ पंत का व्यक्तिगत फॉर्म भी चिंता का विषय है। इस पूरे सीजन में उन्होंने 312 रन बनाए, जिसमें उनका औसत मात्र 28.36 रहा, जो उनके कद के खिलाड़ी से काफी कम है।
अंबाती रायडू की अहम सलाह: कप्तानी छोड़ें पंत
पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू ने ऋषभ पंत को कप्तानी से हटने की सलाह दी है। रायडू का मानना है कि पंत की कप्तानी शैली एमएस धोनी के ‘इंस्टिंक्ट-बेस्ड’ (सहज ज्ञान पर आधारित) अंदाज से बहुत मिलती-जुलती है। हालांकि, यह शैली पंत के लिए कारगर साबित नहीं हो रही है। रायडू ने कहा, ‘पंत हमेशा से धोनी को अपना आदर्श मानते आए हैं, लेकिन हर किसी की कप्तानी शैली अलग होती है। उनकी कप्तानी काफी आक्रामक और कभी-कभी जल्दबाजी भरी नजर आती है। मेरा मानना है कि उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प एक खिलाड़ी के रूप में खेलना है।’
क्या एमएस धोनी का मॉडल पंत के लिए सही है?
एमएस धोनी अपनी शांत और सहज कप्तानी के लिए जाने जाते हैं, जिसने सीएसके को कई खिताब जिताए हैं। हालांकि, रायडू का तर्क है कि धोनी की नकल करना पंत को भारी पड़ रहा है। यहां तक कि इतिहास गवाह है कि राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के दौरान खुद धोनी की इंस्टिंक्टिव लीडरशिप भी हमेशा सफल नहीं रही थी। 2017 में जब प्रबंधन ने बदलाव किया, तो टीम का प्रदर्शन बेहतर हुआ। यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ अब पंत को कप्तानी का दबाव कम करने की सलाह दे रहे हैं।
कप्तानी के अलावा अन्य चुनौतियां
पंत की कप्तानी की आलोचना केवल नतीजों के आधार पर नहीं हो रही है। मैदान पर फील्ड प्लेसमेंट, डेथ ओवरों में गेंदबाजी में भ्रम और डीआरएस लेने के गलत फैसलों पर भी सवाल उठे हैं। इसके अलावा, इम्पैक्ट प्लेयर को कब और कैसे इस्तेमाल करना है, इसे लेकर भी टीम प्रबंधन की रणनीति सवालों के घेरे में रही। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक होने के नाते उन पर 27 करोड़ रुपये की उम्मीदों का दबाव भी रहा है, जो उनके खेल पर साफ नजर आता है।
भविष्य की ओर एलएसजी का कदम
टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले सीजन से पहले नेतृत्व की स्थिति पर गंभीर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘फ्रैंचाइजी के नेतृत्व को लेकर हम भविष्य की योजनाओं पर बहुत गंभीरता से गौर कर रहे हैं।’ यह स्पष्ट संकेत है कि ऋषभ पंत की कप्तानी पर अब तलवार लटक रही है।
निष्कर्ष: क्या बल्लेबाजी पर ध्यान देना बेहतर होगा?
ऋषभ पंत निस्संदेह भारत के सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में से एक हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने अतीत में कई मैच जिताए हैं। कप्तानी से हटना उनके लिए एक नई शुरुआत हो सकती है। एक खिलाड़ी के रूप में खेलने से उन पर से नेतृत्व का दबाव हटेगा और वे अपनी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में फिर से वही लय हासिल कर पाएंगे जो उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बनाती है। यह समय पंत के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करने का है ताकि वे अपने करियर के अगले चरण में फिर से चमक सकें।