Rahane: ‘When the team is struggling, it is important to show your character’ – केकेआर का संघर्ष
आईपीएल 2026: केकेआर के लिए एक कठिन यात्रा
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं था। ऑक्शन में सबसे बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद, चोटों और टीम संयोजन की समस्याओं ने उनकी राह मुश्किल कर दी। टीम ने लगातार छह मैच गंवाए, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई थीं। हालांकि, ऐसे कठिन समय में टीम की बागडोर अजिंक्य रहाणे के हाथों में थी, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के दौरान अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया था।
नेतृत्व और टीम भावना
रहाणे का मानना है कि जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही हो, तो खिलाड़ियों का चरित्र ही उन्हें आगे ले जाता है। उन्होंने कहा, Rahane: ‘When the team is struggling, it is important to show your character’. उनका उद्देश्य हमेशा टीम को एकजुट रखना था। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आखिरी लीग मैच के दौरान, केकेआर ने बाहर की चर्चाओं पर ध्यान न देने का फैसला किया और अपना पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित रखा। हालांकि, टीम सातवें स्थान पर रही, लेकिन रहाणे ने टीम के जज्बे की सराहना की।
युवा प्रतिभाओं का उदय
रहाणे ने इस सीजन को ‘अवसरों का सीजन’ बताया। उनके अनुसार, कार्तिक त्यागी और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ियों का उभरना टीम के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात रही। त्यागी ने लीग स्टेज में 18 विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजों में तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि अनुकूल रॉय ने ऑलराउंड प्रदर्शन से प्रभावित किया। रहाणे ने इन युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट का आत्मविश्वास ही उन्हें इस स्तर पर सफल बना रहा है।
दबाव और चरित्र
जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी हार के दौरान इस्तीफा देने का ख्याल आया, तो रहाणे ने स्पष्ट किया कि वे कभी भी बीच में मैदान छोड़कर भागने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘दबाव स्वाभाविक है, लेकिन हमें वर्तमान में जीना सीखना चाहिए। हार के बाद भी टीम को अपना भरोसा बनाए रखना जरूरी था। हमने कुछ गलतियां कीं, लेकिन खिलाड़ियों ने जिस तरह से वापसी की, वह काबिल-ए-तारीफ है।’
भविष्य की ओर देखते हुए
आईपीएल 2027 के बारे में बात करते हुए रहाणे ने कहा कि अभी भविष्य के बारे में सोचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल, वे टीम के उस संघर्ष पर गर्व महसूस कर रहे हैं जो उन्होंने सीजन के दूसरे हाफ में दिखाया। उन्होंने कहा, ‘हर टीम टॉप चार में रहना चाहती है, लेकिन मैं अपने खिलाड़ियों के समर्पण से बहुत खुश हूं। यह सीखना जरूरी है कि कठिन परिस्थितियों से कैसे बाहर निकला जाए।’ केकेआर के लिए यह सीजन भले ही प्लेऑफ तक न पहुंच सका हो, लेकिन रहाणे के नेतृत्व में टीम ने भविष्य के लिए एक नई नींव जरूर तैयार की है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले सीजन में ये युवा खिलाड़ी किस तरह टीम को मजबूती प्रदान करते हैं।