भुवनेश्वर कुमार ने रोहित शर्मा को किया नजरअंदाज, IPL लिस्ट को लेकर मची खलबली
भुवनेश्वर कुमार का बड़ा बयान और फैंस की नाराजगी
आईपीएल के मौजूदा सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन शानदार रहा है। इसी बीच, एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ आईपीएल पलों और खिलाड़ियों का चयन किया। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह, एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे बड़े नाम शामिल थे, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का नाम न होने से फैंस काफी नाराज नजर आए। सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर है कि क्या भुवनेश्वर ने जानबूझकर रोहित को नजरअंदाज किया है।
लिस्ट में शामिल दिग्गज खिलाड़ी
हाल ही में ‘क्रिकबज’ के साथ हुई बातचीत में, भुवनेश्वर कुमार से कुछ श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ चुनने को कहा गया था। उन्होंने अपनी पसंद इस प्रकार बताई:
- सर्वश्रेष्ठ कप्तान: रजत पाटीदार (RCB)
- सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज: जसप्रीत बुमराह
- सर्वश्रेष्ठ फिनिशर: एमएस धोनी
- सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज: विराट कोहली
फैंस का मानना है कि रोहित शर्मा जैसे धाकड़ बल्लेबाज को ‘सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज’ की श्रेणी में जगह न देना एक बड़ा संकेत है। कई लोगों ने इसे सालों पुरानी एक घटना से जोड़ना शुरू कर दिया है, जब रोहित शर्मा ने एक कैच छूटने पर भुवनेश्वर की तरफ गेंद फेंकी थी।
आईपीएल 2026: भुवनेश्वर कुमार का शानदार फॉर्म
विवादों से परे, भुवनेश्वर कुमार का खेल इस साल बेहतरीन रहा है। आईपीएल 2026 में वह RCB के लिए तुरुप का इक्का साबित हुए हैं। उन्होंने अब तक 14 मैचों में 24 विकेट चटकाए हैं, जिनका औसत 18.50 रहा है। इस प्रदर्शन के साथ ही वे ‘पर्पल कैप’ की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। आरसीबी के प्लेऑफ में पहुंचने के बाद, भुवनेश्वर के पास अपने विकेटों की संख्या और बढ़ाने का पूरा मौका है।
उनकी गेंदबाजी में आज भी वही पुरानी धार और स्विंग देखने को मिल रही है। पावरप्ले हो या डेथ ओवर, भुवनेश्वर अपनी सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं। आधुनिक क्रिकेट में, जहाँ गेंदबाजों के पास गलती करने की गुंजाइश बहुत कम होती है, भुवनेश्वर का यह निरंतर प्रदर्शन काबिले तारीफ है।
क्या वास्तव में कोई रंजिश है?
जब हम आंकड़ों की बात करते हैं, तो रोहित शर्मा ने भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ 76 गेंदों का सामना किया है, जिसमें उन्होंने 102 रन बनाए हैं और दो बार आउट भी हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों को किसी व्यक्तिगत रंजिश से जोड़ना सही नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर अक्सर फैंस खिलाड़ियों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश करते हैं ताकि उन्हें अधिक एंगेजमेंट मिल सके। असलियत यह है कि मैदान के बाहर खिलाड़ी एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखते हैं। एक खिलाड़ी द्वारा अपनी पसंद के खिलाड़ियों का नाम लेना उसका निजी दृष्टिकोण हो सकता है। इसे किसी ‘बदले’ या ‘नफरत’ का नाम देना केवल एक मनगढ़ंत नैरेटिव है।
निष्कर्ष
अंत में, भुवनेश्वर कुमार का ध्यान केवल अपने खेल और आरसीबी को ट्रॉफी जिताने पर है। 2025 में आरसीबी को पहली बार खिताब जिताने के बाद से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और भुवनेश्वर उसमें एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। चाहे रोहित शर्मा का नाम लिस्ट में हो या न हो, खेल के मैदान पर इन दोनों दिग्गजों का योगदान भारतीय क्रिकेट के लिए हमेशा अमूल्य रहेगा। प्रशंसकों को चाहिए कि वे खेल के रोमांच का आनंद लें, न कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान दें।