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ICC के नियमों में बड़ा बदलाव: एक ही टेस्ट मैच में दिखेंगे लाल और गुलाबी गेंद

Haris Nadeem · · 1 min read
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क्रिकेट के खेल में बदलाव की आहट

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हाल ही में खेल के स्वरूप को और अधिक रोमांचक और लचीला बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। इन बदलावों का उद्देश्य आधुनिक क्रिकेट की चुनौतियों, विशेष रूप से खराब रोशनी और खेल के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करना है। जे शाह के नेतृत्व वाली ICC समिति खेल के नियमों में व्यापक बदलाव पर विचार कर रही है, जो रेड-बॉल, व्हाइट-बॉल और पिंक-बॉल क्रिकेट के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।

एक ही टेस्ट मैच में लाल और गुलाबी गेंद का मेल

सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में गेंद के रंग को लेकर है। अब तक, टेस्ट क्रिकेट पारंपरिक रूप से लाल गेंद से खेला जाता रहा है, जबकि डे-नाइट टेस्ट के लिए गुलाबी गेंद का उपयोग होता है। हालांकि, नई संभावनाओं के तहत, ICC एक ही टेस्ट मैच के दौरान दोनों गेंदों के इस्तेमाल की अनुमति देने पर विचार कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि खराब रोशनी या मौसम के कारण खेल में बाधा आती है, तो दोनों टीमों की आपसी सहमति से लाल गेंद को गुलाबी गेंद से बदला जा सकेगा। यह नियम उन परिस्थितियों में बेहद मददगार साबित हो सकता है जहां रोशनी कम होने की वजह से खेल रोकना पड़ता है। हालांकि, इसमें एक शर्त यह है कि दोनों टीमों का सहमत होना अनिवार्य है; यदि एक भी टीम असहमत होती है, तो गेंद बदलने का निर्णय लागू नहीं होगा।

कोच की भूमिका और मैदान पर प्रवेश

ICC केवल गेंद के रंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह खेल के रणनीतिक पहलुओं पर भी ध्यान दे रही है। प्रस्तावित संशोधनों में से एक यह है कि अब मुख्य कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आने की अनुमति मिल सकती है। वर्तमान में, केवल प्रतिस्थापन खिलाड़ी (substitute players) ही मैदान पर आ सकते हैं। यह बदलाव विशेष रूप से वनडे क्रिकेट (ODI) में देखने को मिल सकता है, जहां रणनीति का महत्व बहुत अधिक होता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या कोच को टीम की जर्सी पहनना अनिवार्य होगा या नहीं।

T20 क्रिकेट में समय प्रबंधन

T20 इंटरनेशनल मैचों को लेकर भी ICC ने एक बड़ा कदम उठाने की योजना बनाई है। वर्तमान में, T20 मैचों की दोनों पारियों के बीच 20 मिनट का ब्रेक होता है। ICC अब इस अंतराल को घटाकर 15 मिनट करने पर विचार कर रही है। खेल की गति को तेज करने और दर्शकों की व्यस्तता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।

नियम बदलने की प्रक्रिया

ICC किसी भी नियम को रातों-रात नहीं बदलती। यह एक विस्तृत प्रक्रिया का पालन करती है:

  • क्रिकेट समिति: पूर्व क्रिकेटर, अंपायर और कोच मिलकर समस्याओं की पहचान करते हैं और बदलाव का सुझाव देते हैं।
  • मुख्य कार्यकारी समिति (CEC): यह समिति प्रस्तावों की व्यवहार्यता और वैश्विक प्रभाव पर बहस करती है और मतदान करती है।
  • ICC बोर्ड: अंत में, ICC बोर्ड इन सिफारिशों की पुष्टि करता है।

एक बार जब नियम स्वीकृत हो जाते हैं, तो ICC उन्हें लागू करने के लिए एक विशिष्ट समयसीमा निर्धारित करती है, जो आमतौर पर किसी नई द्विपक्षीय श्रृंखला या प्रमुख ICC टूर्नामेंट के साथ शुरू होती है।

निष्कर्ष

इन प्रस्तावित बदलावों से साफ है कि ICC क्रिकेट को अधिक अनुकूल बनाने के लिए तैयार है। चाहे वह खराब रोशनी में खेल जारी रखने के लिए गुलाबी गेंद का विकल्प हो या कोचों को सीधे मैदान पर रणनीतिक निर्देश देने की अनुमति, ये सभी निर्णय खेल की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकते हैं। आने वाले समय में 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड की बैठक में इन पर अंतिम मुहर लग सकती है। क्रिकेट प्रेमी इन बदलावों के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे खेल के रोमांच में और भी इजाफा होने की पूरी संभावना है।

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Haris Nadeem

Haris Nadeem provides detailed post-match reviews and tactical breakdowns.