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“Skipping handshakes is a red flag” – Ambati Rayudu, Mark Boucher react to Virat: IPL 2026 विवाद पर विशेषज्ञों की राय

Anjali Kapoor · · 1 min read
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हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मुकाबले के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विराट कोहली और सनराइज हैदराबाद के ट्रैविस हेड के बीच हुए विवादास्पद हैंडशेक विवाद ने क्रिकेट जगत में गहरी चर्चा छेड़ दी है। इस घटना ने एक बार फिर खेल भावना और प्रतिस्पर्धी आक्रामकता के बीच की बारीक रेखा को उजागर किया है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों अंबाती रायडू और मार्क बाउचर ने इस घटना पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त की है, और दोनों ने इस तरह के व्यवहार को ‘रेड फ्लैग’ यानी एक चिंताजनक संकेत माना है। उन्होंने सिर्फ हैंडशेक विवाद ही नहीं, बल्कि आईपीएल 2026 में तेजी से लोकप्रिय हुए ‘पॉकेट चिट’ सेलिब्रेशन पर भी अपनी असहमति जताई है, जो टूर्नामेंट के दौरान एक बड़ा चर्चा का विषय बन गया है।

हैंडशेक विवाद: खेल भावना का उल्लंघन?

आईपीएल 2026 ने मैदान के अंदर और बाहर कई गर्मजोशी भरे पल देखे हैं। ईएसपीएनक्रिकइंफो द्वारा जारी एक रैपिड-फायर चर्चा के दौरान, विशेषज्ञों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धी आक्रामकता को उन कार्यों से स्पष्ट रूप से अलग किया, जिन्हें वे अनादरपूर्ण मानते थे। उन्होंने उन घटनाओं का विश्लेषण किया जिन्होंने प्रशंसकों और व्यापक क्रिकेट समुदाय को विभाजित किया है। अंबाती रायडू और मार्क बाउचर से विशेष रूप से पूछा गया कि क्या हैंडशेक छोड़ना ‘रेड फ्लैग’ या ‘ग्रीन फ्लैग’ माना जाना चाहिए। दोनों ने इसे स्पष्ट रूप से ‘रेड फ्लैग’ करार दिया। उन्होंने यह साफ कर दिया कि मैच के बाद हैंडशेक से इनकार करना एक लक्ष्मण रेखा को पार करना है, भले ही खेल के दौरान कितना भी दबाव या भावनाएं शामिल हों। उनका मानना है कि खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता स्वाभाविक है, लेकिन मैच खत्म होने के बाद एक-दूसरे का सम्मान करना खेल भावना का अभिन्न अंग है।

यह हैंडशेक विवाद 22 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइज हैदराबाद के बीच हुए एक गर्मागर्म आईपीएल 2026 मुकाबले के बाद शुरू हुआ था। इस मैच के दौरान विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच रन चेज़ के दौरान एक तीव्र मौखिक बहस हुई थी। मैच के बाद, पोस्ट-मैच हैंडशेक लाइन के दौरान भी यह तनाव जारी रहा, जिसने इस विवाद को और हवा दी। रायडू और बाउचर दोनों का मत था कि इस तरह की घटनाएं खेल की प्रतिष्ठा को धूमिल करती हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए गलत मिसाल पेश करती हैं।

‘पॉकेट चिट’ सेलिब्रेशन: अनावश्यक दिखावा?

आईपीएल 2026 के सबसे बड़े चर्चा के विषयों में से एक ‘पॉकेट चिट’ सेलिब्रेशन भी बन गया है। इस चलन में खिलाड़ी अपनी जेब में हाथ से लिखे नोट रखते हैं और मील के पत्थर हासिल करने या महत्वपूर्ण विकेट लेने के बाद उन्हें कैमरों के सामने दिखाते हैं। उदाहरण के लिए, आकाश सिंह ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ एक मैच के दौरान अपनी विकेट लेने की क्षमता के बारे में एक नोट दिखाया था। इसी तरह, उर्विल पटेल ने रिकॉर्ड-बराबर अर्धशतक बनाने के बाद अपने पिता को एक संदेश समर्पित किया, जबकि रघु शर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए अपना पहला आईपीएल विकेट लेने के बाद एक लिखित नोट का इस्तेमाल किया।

हालांकि, अंबाती रायडू और मार्क बाउचर ने अपनी रैपिड-फायर चर्चा के दौरान इस चलन का समर्थन नहीं किया। दोनों दिग्गजों ने ‘चिट सेलिब्रेशन’ के बारे में पूछे जाने पर ‘रेड फ्लैग’ दिखाया, यह कहते हुए कि क्रिकेट में इस तरह के पूर्व-नियोजित इशारे अनावश्यक हैं। उनका तर्क था कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां भावनाएं स्वाभाविक रूप से व्यक्त होती हैं, और इस तरह के बनावटी सेलिब्रेशन खेल के सहज प्रवाह को बाधित करते हैं। बाउचर ने कहा कि सेलिब्रेशन स्वाभाविक होना चाहिए, न कि पहले से तैयार। रायडू ने भी इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐसे दिखावटी तरीकों पर।

अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएँ

इस विस्तृत चर्चा में, पूर्व क्रिकेटरों ने कई अन्य विवादास्पद मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की:

इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर मतभेद

चर्चा के दौरान विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर दोनों पूर्व क्रिकेटरों के विचार अलग-अलग थे। मार्क बाउचर ने इस नियम का विरोध किया, जबकि अंबाती रायडू ने इसका समर्थन किया। रायडू ने तर्क दिया कि टूर्नामेंट में वर्तमान में टीमों को ठीक से संतुलित करने के लिए पर्याप्त गुणवत्ता वाले भारतीय ऑलराउंडर नहीं हैं, और इम्पैक्ट प्लेयर नियम इस कमी को पूरा करने में मदद करता है। उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में इसके पक्ष में हूं क्योंकि गुणवत्ता वाले ऑलराउंडर बहुत कम हैं।”

लाइव इंटरव्यू के दौरान आकस्मिक गाली-गलौज

लाइव इंटरव्यू के दौरान आकस्मिक गाली-गलौज के मुद्दे पर मार्क बाउचर ने खिलाड़ियों का बचाव किया। उन्होंने इसे एक ईमानदार गलती बताया और समझाया कि भावनाओं और दबाव के कारण कभी-कभी पोस्ट-मैच प्रसारण के दौरान अनजाने में ऐसी बातें निकल जाती हैं। उन्होंने कहा, “यह एक ईमानदार गलती है। हां, कुछ खेलों में ऐसा नहीं होता।” उनका मानना था कि खिलाड़ियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने का भारी दबाव होता है, और ऐसे क्षणों में गलत शब्द का निकल जाना मानवीय है।

चोट के विवरण छिपाना और विरोधी प्रशंसकों को चुप कराना

दोनों विशेषज्ञों ने फ्रेंचाइजी द्वारा चोट के विवरण को जनता से छिपाने का भी समर्थन किया, इसे पेशेवर खेल में एक सामान्य रणनीति बताया। बाउचर ने खिलाड़ियों द्वारा विपक्षी प्रशंसकों से दूर के मैचों के दौरान चुप रहने के लिए कहने का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, “इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि यह… दोनों तरह से काम करता है। देना और लेना।” उनका तर्क था कि यह खेल का हिस्सा है और खिलाड़ियों को अपने घर के मैदान पर समर्थन मिलने का पूरा हक है, ठीक वैसे ही जैसे वे विरोधी टीम के घर पर विरोध का सामना करते हैं। यह खेल की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर स्वस्थ बातचीत

यह सेगमेंट खिलाड़ियों और टीमों के बीच स्वस्थ सोशल मीडिया banter का समर्थन करने के साथ समाप्त हुआ। हालांकि, रायडू ने कहा कि ऑनलाइन बातचीत हमेशा सम्मानजनक रहनी चाहिए और व्यक्तिगत सीमाओं को पार नहीं करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “जब तक यह स्वस्थ और सम्मानजनक है।” यह दिखाता है कि डिजिटल युग में भी खेल भावना और व्यक्तिगत सम्मान कितना महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

अंबाती रायडू और मार्क बाउचर की यह चर्चा क्रिकेट के आधुनिक परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालती है। हैंडशेक से इनकार, पॉकेट चिट सेलिब्रेशन, इम्पैक्ट प्लेयर नियम से लेकर सोशल मीडिया पर बातचीत तक, इन सभी विषयों पर विशेषज्ञों की राय खेल के वर्तमान और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। उनका संदेश स्पष्ट है: प्रतिस्पर्धी भावना और जीत की इच्छा के बावजूद, खेल भावना, आपसी सम्मान और गरिमा को कभी नहीं भूलना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि क्रिकेट, अपनी सभी रोमांचक जटिलताओं के साथ, एक सज्जन का खेल बना रहे।

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Anjali Kapoor

Anjali Kapoor writes about player lifestyle, endorsements, and off-field cricket stories.